_______गीत ऐ आवाज़ ______
हमर आवाज ़़ ह हमर चिंहारी ए
हमर आस्मिता के लड़ाई से आजादी ए
हमर आवाज़ ह हमर चिंहारी ए
काहे मर संग होवत हे अत्चारी, होवत हे अत्चारी
जन - जंगल जमीन लूटे, अउ लूटे डारिेन चिंहारी, लूट लिन चिंहारी
तबो ल चूप बीईठे काहे हम आज रे.......
हमर आवाज़ ह हमर चिंहारी ए
हमर आस्मिता के लड़ाई से आजादी ए
हमर आवाज़ ह हमर चिंहारी ए
बरसो ल दमन करत बईठे हवय बईरी मन, सत्ताधारी बईरी मन
भूख अउ लाचारी म त्राहि होगे जनता मन, त्राहि करे जनता मन
तबो चूप बईठे काहे हम आज रे.........
हमर आवाज़ ह हमर चिंहारी ए
हमर आस्मिता के लड़ाई से आजादी ए
हमर आवाज़ ह हमर चिंहारी ए
..... ✍️ Vinay kumar satnam Pathariya Mungeli (C. G.)
तबो चूप बईठे काहे हम आज रे.........
हमर आवाज़ ह हमर चिंहारी ए
हमर आस्मिता के लड़ाई से आजादी ए
हमर आवाज़ ह हमर चिंहारी ए
..... ✍️ Vinay kumar satnam Pathariya Mungeli (C. G.)
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